Nakhun Kyu Badhte Hai? Hindi Me Jaane


हेलो दोस्तो मेरा नाम है सुरज बड़ई (Suraj Barai) ! और आप ये लेख हिंन्दि मे शिक्षा (Hindi Me Shiksha) के वेबसाईट(Website) पर पड़ रहे है ! अगर आपको ये लेख पढ़कर अच्छा लगा है तो इस  Website को Subscribe करिये ! आज कि इस्स लेख मे मै आपको बताने वाला हु कि नाखुन क्यौ बढ़ता है ! Nakhun Kyu Badhta Hai?

आप इस् बात से अच्छी तरह से परिचित है कि आज कल सभी लड़कीयॉ अपने नाखुन को बहुत ही सजाते है. जैसे नैल पोलिष और भी ऐसे है जिस्से अपने नाखुन को साफ रख सकते है या नाखुन को लम्बे लम्बे रखते है !

नाखुन (Nail) क्यो बढ़ता है?

नाखुन (Nail) बार-बार बढ़ते है और मनुष्य उन्हे बार-बार काट देता है ! इसका कारण यह है कि मनुष्य ऐतिहासिक काल मे बर्बर और पशु-तुल्य रहा है ! जबकी वह नखदन्ताबलम्बी था ! अब मांव  ने कई गुणी शक्तिवाले अस्त्रो का निर्माण कर लिया है ! अब उसे नाखुन की क्ष्ण भर की भी आवश्यकता नही है !
पर प्रकृति मानव के भीतर के इस अस्त्र को उसके अंदर छिपा रहने नही देती ! जिसके परिणामस्वरुप नाखुन बार-बार बढ़ जाते है ! इससे स्पष्ट है कि नाखुन का बढ़ना मानव मे निहित पशुता का प्रतीक है ! मनुष्य इन बढ़े हुए नाखुनो को बार-बार काटता है, क्योकि अब उसे सब हो जाने के कारण पशुता वो चिन्ह अच्छा नही लगता है !


अत: नाखुनो का काटा जाना मनुष्यत्व का प्रतीक है ! मनुष्य अपनी बर्बर प्रवृत्ति को छिपाने के लिये भले ही नाखुनो को काते, परंतु इनको काटकर क्य वह बर्बर नही रह्ता ? इस बाहरी दिखावे से क्या लाभ जबकि मनुष्य की बर्बरता कटने का स्थान पर निरंतर बढ़ ही रही है ! नाखुन उसकी पाशवी प्रवृत्ति के जीवित प्रतीक है ! जिन्हे वह बार-बार काट देता है ! किंतु मनुष्य की पशुता को जितनी बार भी काट दो वह मरना नही जानता !
मुझे आशा है कि आप ये लेख पढ़कर ये जरुर जान पायेंगे कि क्यो नाखुन बढ़ता है ? नाखुन बढ़्ने का क्या कारण है? ऐसा क्या है मनुष्य के अंदर जो उसका नाखुन बढ़ता है और मनुष्य अपने नाखुन को बार-बार काटता है !


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Suraj Barai

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