सम्पत्ति की समस्या का हल क्या है? सम्पत्ति किस तरह की समस्या है?


सम्पत्ति की समस्या का हल किस तरह किया जा सकता है?

 सम्पत्ति ही समाज मे बुराई का जड़ है ! इसी के कारण लोग पाप करने को बाध्य होता है ! धनवान लोग सम्पत्ति को और अधिक बढ़ांने के लिये गरीबो का शोषण करता है, पाप करता है ! गरीब सम्पत्ति के बिना भुखो मर रहा है, इसलिये वह भुख मिटाने के लिये चोरी,ड्कैती आदि अन्याय करने पर मजबुर होता है !

सम्पत्ति को त्यागकर भी कोइ सुखी नही हो सकता है ! अत: सम्पत्ति का उचित नियंत्रण ही सम्पत्ति की समस्या का एकमात्र हल है ! आज हमे ऐसे समाज की आवश्यकता है, जहॉ श्रम की लुट नही होती, कोई किसी से पैसा नही छीनता ! यदि ऐसा हो गया तो फिर न धनी रहेगा न दरिद्र, न मनुष्य एक दुसरे से ईर्ष्या करेगा ! आदमी अपनी योग्यता के अनुसार कमाएगा, पर कोई भी इतना अयोग्य नही रह्ने दिया जायेगा कि वह कुछ कमा ही नही सके !


सम्पत्ति किस तरह की समस्या है?

सम्पत्ति मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है ! सम्पत्ति से ही सब परेशान है ! बिड़ला सेठ जैसे आदमी अपनी दीनता का बखान करते है, बड़े बड़े पैसे वाले जप-तप ध्यान मंत्र करवाते है ! दुसरी और सम्पती के अभाव मे हजारो लाखो आदमी कितने दु:खी है, सबको मालुम है !
गरीबो को डर है कि अमीर उन्हे शोषण कर रहा है ! अमीरो को दर है कि वे उन्हे कैसे शोषण करते रहे ! कैसे वह उपाय किया जाये कि गरीब सोता ही रहे,जागते ही वह चौकस हो जायेगा, फिर कैसे कोई उसका शोषण कर सकेगा?
मनुष्य दोनो अवस्था मे दु:खी है ! गरीब कहता है कि मै सम्पत्ति के अभाव मे दु:खी हुँ ! मुझे सम्पत्ति चाहिये ! अमीर कहता है कि यह सम्पत्ति बहुत बुरी चीज है ! इसी से आदमी चोर बनता है, पुलिस बनती है,तोप-बंदुको की जरुरत होती है ! मेरे पास धन है पर मै भी सुखी नही हुँ ! सुखी तो वह है जिसको सम्पत्ति का मोह नही है ! इसलिये सम्पत्ति और परिवार दोनो दु:ख के जड़ है !

सम्पत्ति की समस्या का हल क्या है?

हमारे समाज मे ऐसे बहुत लोग है, जिसके पास असीम सम्पत्ति है, पर उसी समाज के बहुतो के पास कुछ भी नही है, जो सम्पत्ति के अभाव मे भुखो मर रहे है ! इसका मुल कारण समाज मे सम्पत्ति के उचित वितरण की कोई व्ययस्था नही है ! आज हमे इस प्रकार समाज की आवश्यकता है, जहॉ परिश्रम का सम्मान हो, उसका शोषण न हो !
 समाज की अर्थिक व्यवस्था मे सम्पत्ति का उचित नियंत्रन होना चाहिए ! इस प्रकार सम्पत्ति का उचित नियंत्रन से ही सम्पत्ति की समस्या का हल हो सकता है ! इस प्रकार सम्पत्ति का समाज मे जब उचित नियंत्रन हो जायेग, तब समाज मे कोई धनी अथवा गरीब न रहेगा ! मनुष्य मे ईर्ष्या-देष बिल्कुल नही रहेगा ! समाज के प्रत्येक व्यक्ति अपनी अपनी योग्यता के अनुसार उपार्जन करेगा ! कुछ भी कमाने मे असमर्थ ऐसे व्यक्ति समाज मे न रहेगा ! इसी प्रकार ही सम्पत्ति की समस्या का हल सम्भव है !


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Suraj Barai

I am Suraj Barai Founder of HindiMeShiksha.Com Me Hu Ek Hindi Blogger. Mujhe Khusi Tabhi Hota Hai Jab Mere Likhe Gaye Article Se Kisi Ko Help Milta Hai. Thanks.

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